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महात्मा गांधी चाँद स्वार्थसिद्धि चहुं दिस बोलबाला स्वछंदता रहित स्वतंत्रता व्यसनमुक्ती दो-दो हाथ मानव जाति परतंत्रता बहुत ही अमीर स्वतंत्रता पथ प्रलय का तन का प्रकृति का सौंदर्य कोई भी वर्ग धन का चाहेकष्टअपार।हरसंकटमेंसाथहो सच्चा अर्थ वास्तविक मूल्य

Hindi परतंत्रता का दंश Quotes